HomeLoanCar Loan किस तरह ले सकते हैं आप | कितनी देनी होगी कार लोन EMI?

Car Loan किस तरह ले सकते हैं आप | कितनी देनी होगी कार लोन EMI?

घर के साथ एक ब्रांडेड कार लेना हर किसी का सपना होता है. कार से न सिर्फ आपका जीवन आरामदेह बनता है, बल्कि बहुत सी मुश्किलें कम हो जाती हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जूझते हुए दफ्तर पहुंचना या वीकेंड पर घूमने के लिए बाहर जाना, सब कुछ बहुत आसान हो जाता है.

पहले कार खरीदना किसी के लिए भी बहुत बड़ी बात होती थी, क्योंकि इसके लिए एकमुश्त रकम खर्च करनी पड़ती थी, लेकिन अब लोन (Car Loan) आसानी से उपलब्ध होने की वजह से यह बहुत आसान हो गया है.

Car Loan किस तरह ले सकते हैं आप | कितनी देनी होगी कार लोन EMI?
Car Loan किस तरह ले सकते हैं आप | कितनी देनी होगी कार लोन EMI?

कार लोन (Car Loan)

बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी कार लोन आसान मासिक किस्त पर दे देती हैं, जिससे अब कार खरीदना बहुत आसान हो गया है. इससे आपका बजट भी नहीं बिगड़ता और सुविधा भी मिल जाती है

कौन ले सकता है कार लोन (Car Loan) ?

लोन (Car Loan) के लिए अप्लाय करने से पहले कुछ शर्त हैं, जिनका आपको ध्यान रखना जरूरी है. इसमें उम्र, कम से कम वेतन, नौकरी का प्रकार और रेजिडेंस के बारे में जानकारी शामिल हैं.

कार लोन (Car Loan) के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. पहचान का प्रमाण (पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि)
  2. वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट जैसे पते का प्रमाण
  3. ऐज प्रूफ
  4. फोटोग्राफ
  5. कार के कागजात
  6. तीन महीने की सैलरी स्लिप, छह महीने का बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न जैसे आमदनी के सबूत
  7. कुछ कंपनियां कार के इंश्योरेंस की कॉपी और ड्राइविंग लाइसेंस के बिना लोन फाइनल नहीं करतीं.

इसे भी पढ़ें: भारत में 5 सरकारी व्यवसाय ऋण योजनाएं 2022 | 5 Government Business Loan Schemes in India 2022

हाइपोथेकेशन
जब आप लोन (Car Loan) लेकर कार खरीदते हैं तो यह कर्ज देने वाली कंपनी के पास गिरवी रहती है. इससे उनके पास यह अधिकार रहता है कि वे आपके कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में आपकी संपत्ति जब्त कर लें. अगर आप समय पर मासिक किस्त नहीं दे पाए तो वे कार को उठा कर ले जा सकती हैं.

हाइपोथेकेशन लेटर कार के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस का भी हिस्सा है. एक बार जब आप लोन (Car Loan) चुका देंगे तो आप रजिस्ट्रेशन पेपर्स से लोन देने वाली कंपनी का हाइपोथेकेशन हटा सकते हैं.

हाइपोथेकेशन हटाने के लिए आपको संबंधित रजिस्ट्रेशन ट्रांसपोर्ट ऑफिस में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, कार के इंश्योरेंस के पेपर्स और एड्रेस प्रूफ के साथ जाना पड़ेगा.

यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि कर्ज (Car Loan) देने वाली कंपनी से एनओसी लेना जरूरी है. इसके बाद इसे इंश्योरेंस कंपनी को देकर नए मालिक के नाम से इंश्योरेंस पेपर जारी कर दे.

कार लोन (Car Loan) की रकम

लोन (Car Loan) की राशि आपकी उम्र और आमदनी पर निर्भर है. कार के लिए आपको कितना लोन मिलता है, यह लोन देने वाली कंपनी पर निर्भर है. इस समय आम तौर पर आपकी सालाना कमाई का चार से छह गुना तक कार लोन (Car Loan) मिल जाता है.

कार की कीमत का 80-90 फीसदी तक फाइनेंस हो जाता है. कुछ बैंक हालांकि 100 फीसदी तक भी फाइनेंस कर देते हैं. यह एक्स शोरूम प्राइस या ऑन रोड प्राइस हो सकता है.

एक्स शोरूम प्राइस किसी डीलर को कार खरीदने के बदले चुकाई जाने वाली रकम है. जब आप रजिस्ट्रेशन चार्ज, इंश्योरेंस, रोड टैक्स आदि चुकाने के बाद कार सड़क पर चलाने के लिए लाते हैं तो यह ऑन रोड प्राइस होता है.

जब किसी सेकेंड हैंड कार के लिए लोन (Car Loan) लेने जाते हैं तो दोबारा रजिस्ट्रेशन में आने वाले खर्च कवर नहीं होते.

कार लोन (Car Loan) की ब्याज दरें

कार लोन (Car Loan) की रकम पर कर्ज देने वाली कंपनियां मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स (एमसीएलआर) के अलावा कुछ एक्स्ट्रा रकम भी चार्ज करती हैं. आमतौर पर यह रेट फिक्स्ड होते हैं. इससे लोन चुकाना आसान होता है.

अगर आपको लगता है कि भविष्य में ब्याज दरें कम हो सकती हैं तो आप फ्लोटिंग रेट पर ब्याज ले सकते हैं. इस समय ब्याज दरें 10.30-15.25 फीसदी के बीच हैं.

कर्ज देने वाली कुछ कंपनियां हालांकि महिलाओं को ब्याज दर में छूट भी देती हैं.

नई कार लेने की जगह सेकेंड हैंड कार लोन (Car Loan) पर लेना महंगा सौदा है. ज्यादातर बैंक इस पर अधिक ब्याज चार्ज करते हैं.

कार लोन (Car Loan) में कौन-कौन से खर्च हैं?

लोन देने या समय से पहले लोन चुकाने में बैंक बहुत से चार्ज लगाते हैं.

  • जब आप आवेदन करते हैं तो प्रोसेसिंग फीस ली जाती है.
  • यह लोन एमाउंट का 0.4-1 फीसदी हो सकता है.
  • समय से पहले लोन चुकाने पर बैंक फीस वसूलते हैं.
  • कुछ बैंक इस पर पांच से छह फीसदी तक चार्ज लेते हैं. कुछ बैंक हालांकि इसके लिए चार्ज नहीं लेते.

कुछ बैंक कार लोन (Car Loan) चुकाने के लिए पार्ट पेमेंट की सुविधा देते हैं. इसका मतलब यह है कि जब भी आपके पास पैसे हों आप लोन का एक हिस्सा चुका सकते हैं. कुछ बैंक पर पेमेंट पर भी चार्ज वसूलते हैं. लोन (Car Loan) लेने से छह महीने के अंदर आप लोन का प्रीपेमेंट नहीं कर सकते.

CAR Loan का रीपेमेंट

आम तौर पर कार लोन (Car Loan) एक से सात साल के लिए दिया जाता है. आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे तय समय से पहले चुका सकते हैं.

Car Loan लेते समय ध्यान रखें

  1. अधिकतर बैंक मीडियम कार, एसयूवी और एमयूवी फाइनेंस कर देते हैं. हालांकि लोन के लिए आवेदन करने से पहले आपको यह चेक करना चाहिए कि बैंक किस कार के लिए कितना लोन ऑफर कर रहे हैं.
  2. कार अगर किसी व्यक्ति के नाम से खरीदी गयी है तो उसके लिए आय कर में किसी डेप्रिसिएशन पर छूट का दावा नहीं किया जा सकता. कार लोन पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है.
  3. लोन लेते वक्त ही आपको कार लोन (Car Loan) पर चुकाई जाने वाली ब्याज की गणना कर लेनी चाहिए.

Car Loan EMI Calculator

Car Loan EMI Calculation: रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हाल में जारी मॉनिटरी पॉलिसी रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा है. पॉलिसी दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी न होने से यह साफ है कि अभी कर्ज यानी लोन की ब्‍याज दरें बढ़ने की उम्‍मीद कम है. ऐसे में कार लोन (Car Loan) की ब्‍याज दरें निचले स्‍तर पर बनी रहेंगी. देश का सबसे बड़ा बैंक SBI अभी फेस्टिव ऑफर में शुरुआती 7.20 फीसदी पर कार लोन दे रहा है. आइए देखते हैं अगर आप 5 साल के लिए 10 लाख का कार लोन ले रहे हैं, तो आपकी EMI (Equated monthly installment) कितनी होगी. 

दरें नहीं बढ़ने से सस्‍ता बना रहेगा कर्ज! 

रिजर्व बैंक की ओर से ब्‍याज दरों में बदलाव नहीं करने से कर्ज की दरें यानी लेंडिंग रेट्स फिलहाल निचले स्‍तर पर बनी रह सकती हैं. यानी, अभी आपके लिए Car Loan या होम लोन लेना फिलहाल महंगा नहीं हो रहा है. रेपो रेट (Repo Rate) का होम लोन की ब्याज दरों पर सीधा असर होता है. रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर कमर्शियल बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं. रेपो रेट में बढ़ने का मतलब यह है कि बैंकों के लिए जब कर्ज लेना महंगा हो, तो कस्‍टमर्स को भी महंगा देंगे. ऐसे में फिलहाल कर्ज महंगा होने की उम्‍मीद नहीं है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट, वह दर है जिस रेट पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा पर ब्याज मिलता है. 

रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2019 से बैंकों को फ्लोटिंग रेट पर दिये जाने वाले पर्सनल लोन, ऑटो लोन और होम लोन आदि को रेपो रेट से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है. अधिकांश बैंक ऑटो लोन, होम लोन रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) पर ऑफर कर रहे हैं. इसे एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट (EBR) भी कहते हैं. मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स (MCLR) से जुड़े लोन के मुकाबले कस्‍टमर के लिए RLLR लोन में रेपो रेट में किसी भी तरह के बदलाव का असर तुरंत नजर आता है. MCLR को अप्रैल 2016 से शुरू किया गया था. MCLR एक इंटरनल बेंचमार्क है. दरअसल, यह किसी बैंक की वह ब्याज दर होती है, जिससे कम पर वह किसी को लोन नहीं देता. यह बैंक की अपनी कॉस्ट ऑफ फंड्स पर बेस्ड है.

10 लाख के Car Loan की EMI 

SBI ऑटो लोन इंटरेस्‍ट रेट (फिक्‍स्‍ड रेट) पर शुरुआती ब्‍याज दर 7.20 फीसदी है. वहीं, अगर आप क्रेडिट स्‍कोर के आधार पर 5 साल के लिए कार लोन लेते हैं, तो शुरुआती ब्‍याज दर 7.25 फीसदी (0.25% + 1 साल का MCLR) होगा. यह फ्लोटिंग रेट होगा. अब EMI की कैलकुलेशन देखते हैं. 

SBI का Car Loan (फिक्‍स्‍ड रेट)

लोन अमाउंट: 10 लाख रुपये 
लोन टेन्‍योर: 5 साल 
ब्‍याज दर: 7.20% सालाना (फिक्‍स्‍ड रेट) 
EMI: 19,896 रुपये 
कुल टेन्‍योर में ब्‍याज: 1,93,742 रुपये  
कुल पेमेंट: 11,93,742 रुपये  

SBI का Car Loan (CIC स्‍कोर बेस्‍ड) 

लोन अमाउंट: 10 लाख रुपये 
लोन टेन्‍योर: 5 साल 
ब्‍याज दर: 7.25% सालाना (फिक्‍स्‍ड रेट) 
EMI: 19,919 रुपये 
कुल टेन्‍योर में ब्‍याज: 1,95,162 रुपये  
कुल पेमेंट: 11,95,162 रुपये  
 

EMI क्‍यों चेक करना चाहिए?

लोन लेने से पहले हर महीने कितनी किस्‍त देनी होगी, यानी आपकी EMI कितनी आएगी, इसकी कैलकुलेशन पहले कर लेनी चाहिए. इससे आप यह जान सकेंगे आप कितना तक लोन ले सकते हैं. यानी, आपके लोन लेने की क्षमता कितनी है. ऐसे में अगर आप कार लोन लेने जा रहे हैं, तो आप इसकी प्‍लानिंग पहले से कर सकेंगे. इसके अलावा, EMI की कैलकुलेशन पहले कर लेने से आप लोन का कुल अमाउंट, टेन्‍योर और टोटल रिपेमेंट जान सकते हैं. लोन रीपेमेंट या प्रीपेमेंट करने का प्‍लान बना सकते हैं. 

(नोट: यहां SBI कार लोन की EMI बैंक की शुरुआती ब्‍याज दर पर है. यह डीटेल बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट से ली गई है. यह एक कैलकुलेशन है. आपके क्रेडिट स्‍कोर, इनकम, उम्र समेत अन्‍य क्राइटेरिया पर ब्‍याज दरों में अंतर हो सकता है.) 

Leave a Comment