HomeMoneyeRUPI क्या हैं? | eRUPI कैसे काम करता है?

eRUPI क्या हैं? | eRUPI कैसे काम करता है?

डिजिटल करेंसी की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक इलेक्ट्रॉनिक वाउचर बेस्ड डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम ‘eRUPI’ है. इस प्लेटफॉर्म को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा डेवलप किया गया है. यह एक पर्सन-स्पेसिफिक और पर्पज-स्पेसिफिक पेमेंट्स सिस्टम होगा।

eRUPI क्या हैं? | eRUPI कैसे काम करता है?
eRUPI क्या हैं? | eRUPI कैसे काम करता है?

eRUPI क्या हैं?

eRUPI एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस डिजिटल पेमेंट मिडियम होगा जो बेनिफिशीएरी के मोबाइल फोन में SMS-स्ट्रिंग या QR कोड के तौर पर आएगा. शुरुआत में यह एक प्रीपेड गिफ्ट-वाउचर की तरह होगा और इसे स्पेसिफिक एक्सेप्टिंग सेंटर्स पर बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के रिडीम किया जा सकेगा. e-RUPI बेनिफिशिएरी को बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के डिजिटली सर्विसेज के स्पॉन्सर्स से कनेक्ट करेगा।

e-RUPI के क्या फायदे हैं?

अमेरिका में एजुकेशन वाउचर्स या स्कूल वाउचर्स का एक सिस्टम है जिसके जरिए सरकार स्टूडेंट्स की पढ़ाई के लिए भुगतान करती है. यह सब्सिडी सीधे माता-पिता को अपने बच्चों को शिक्षित कराने के विशेष उद्देश्य से दिया जाता है. अमेरिका के अलावा स्कूल वाउचर सिस्टम कोलंबिया, चिली, स्वीडन और हांगकांग जैसे देशों में भी है.

  • सरकार के मुताबिक ई-रूपी के जरिए कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी लीकेज के डिलीवर किया जा सकेगा.
  • इसका इस्तेमाल मदर एंड चाइल्ड वेलफेयर स्कीम्स, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दवाइयां और खाद सब्सिडी इत्यादि योजनाओं के तहत सर्विस उपलब्ध कराने के लिए भी किया जा सकेगा.
  • सरकार के मुताबिक निजी सेक्टर भी अपने एंप्लाई वेलफेयर व कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी प्रोग्राम्स के तहत इन डिजिटल वाउचर्स का उपयोग कर सकती है।

e-RUPI का इस्तेमाल कहां-कहां हो सकता है?

सरकार के मुताबिक e-RUPI वेलफेयर सर्विसेज की लीक-प्रूफ डिलिवरी की पुष्टि करेगा. इसका इस्तेमाल मदर एंड चाइल्ड वेलफेयर स्कीम, टीबी इरैडिकेशन प्रोग्राम के तहत दवाओं और न्यूट्रिशनल सपोर्ट और आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना और फर्टीलाइजर सब्सिडी के तहत सुविधा देने के लिए किया जा सकता है. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि प्राइवेट सेक्टर भी अपने कर्मचारियों को वेलफेयर एंड कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम के तहत डिजिटल वाउचर्स दे सकता है।

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e-RUPI वाउचर कैसे जारी होगा?

इस सिस्टम को एनपीसीआई ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर बनाया है और सभी बैंक ई-रूपी जारी करने वाले एंटिटी होंगे यानी बैंक इसे जारी करेंगे. किसी भी कॉरपोरेट या सरकारी एजेंसी को स्पेशिफिक पर्सन्स और किस उद्देश्य के साथ भुगतान किया जाना है, इसे लेकर सहयोगी सरकारी या निजी बैंक से संपर्क करना होगा. बेनेफिशयरीज की पहचान मोबाइल नंबर के जरिए होगी और सर्विस प्रोवाइडर को बैंक एक वाउचर आवंटित करेगा जो किसी खास शख्स के नाम पर होगा जो सिर्फ उसी शख्स को डिलीवर होगा।

e-RUPI के साथ कौन-कौन से बैंक जुड़े हुए हैं?

  • State Bank of India
  • Punjab National Bank
  • Kotak Bank
  • Indian Bank
  • Union Bank
  • Indusland Bank
  • ICICI Bank
  • HDFC Bank
  • Canara Bank
  • Bank of Baroda
  • Axis Bank

डिजिटल करेंसी से कैसे अलग है e-RUPI

केंद्र सरकार केंद्रीय बैंक RBI की डिजिटल करेंसी लाने की योजना पर काम कर रही है और e-RUPI की लांचिंग से देश में डिजिटल पेमेंट्स इंफ्रा में डिटिजल करेंसी को लेकर कितनी क्षमता है, इसका आकलन किया जा सकेगा. इस समय जिस रुपये को हम सभी लेन-देन के लिए इस्तेमाल करते हैं, वह ई-रूपी के लिए अंडरलाइंग एसेट का काम करेगा. ई-रूपी की जो विशेषताएं हैं, वह इसे वर्चुअल करेंसी से भिन्न बनाती है और यह एक तरह से वाउचर आधारित पेमेंट सिस्टम की तरह है।

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