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Digital Currency Update: आने वाला है ‘RBI Currency’, जानें क्या है यह और क्रिप्टोकरेंसी से कैसे होगा अलग

RBI digital currency: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपनी डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने को लेकर तेजी से काम कर रहा है. एक तरफ वह प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी का विरोध कर रहा है, दूसरी तरफ CBDC यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी पर काम जारी है. डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने बताया कि सेंट्रल बैंक चरणवार तरीके से इस दिशा में काम कर रहा है. रिटेल और होलसेल सेगमेंट में इसके इस्तेमाल को लेकर बहुत जल्द पायलट टेस्टिंग की जा सकता है.

Digital Currency Update: आने वाला है 'RBI Currency', जानें क्या है यह और क्रिप्टोकरेंसी से कैसे होगा अलग
Digital Currency Update: आने वाला है ‘RBI Currency’, जानें क्या है यह और क्रिप्टोकरेंसी से कैसे होगा अलग

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस बात की संभावना पर विचार कर रहा है कि डिजिटल करेंसी का रिटेल और होलसेल पेमेंट में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. क्या इसे सेंट्रलाइज्ड लेजर पर काम करना चाहिए या फिर डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी पर काम करना चाहिए. इस बात की भी संभावना तलाशी जा रही है कि अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना उचित रहेगा या एक ही टेक्नोलॉजी पर आधारित सारे काम होंगे.

​क्या होती है डिजिटल करेंसी?

किसी केन्द्रीय बैंक की डिजिटल करेंसी को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency) कहा जाता है। जिस देश का केंद्रीय बैंक (Central Bank) इसे जारी करता है, उस देश की सरकार की मान्यता इसे प्राप्त होती है। Digital Currency उस देश की केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट (Balance Sheet) में भी शामिल होती है और इसे देश की सॉवरेन करेंसी (Sovereign Currency) में बदला जा सकता है। Digital Currency दो तरह की होती है-रिटेल (Retail) और होलसेल (Wholesale)। रिटेल Digital Currencyका इस्तेमाल आम लोग और कंपनियां करती हैं। होलसेल Digital Currency का इस्तेमाल वित्तीय संस्थाओं द्वारा किया जाता है।

कैसे काम कर सकता है Digital Rupee?

Krazybee के CEO मधु एकंबरम के मुताबिक, ये कैसी होगी इसको लेकर अभी कुछ ज्यादा साफ नहीं हैं. लेकिन, डिजिटल रूप में जैसे हम अपने बैंक अकाउंट में कैश देखते हैं, वॉलेट में अपना बैलेंस चेक करते हैं. कुछ ऐसे ही इसे भी देख और रख सकेंगे. लेकिन, ये 1 रुपए का होगा या कितने अमाउंट का अभी ये कहना मुश्किल है. अभी इसके काम करने के तरीके को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है. लेकिन, ये तय है कि CBDC ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा. पेपर करेंसी की तरह इसका लीगल टेंडर होगा. आप जिसे पेमेंट करना चाहेंगे उसे इससे पेमेंट कर सकेंगे और उसके अकाउंट या डिमैट अकाउंट में ये पहुंच जाएगी. ये भी पॉसिबल है कि CBDC इलेक्ट्रॉनिक रूप में अकाउंट में दिखाई देगा. CBDC को पेपर नोट के साथ बदला जा सकेगा. कैश के मुकाबले ट्रांजैक्शन आसान और सुरक्षित होगा. ये बिल्कुल कैश की तरह काम करेगी, लेकिन टेक्नोलॉजी के जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा. एक तरह से इलेक्ट्रॉनिक कैश होगा.

RBI Digital Currency:

इस साल के बजट भाषण में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने जानकारी दी कि देश में आरबीआई द्वारा डिजिटल करेंसी (Digital Currency) लॉन्च की जाएगी. इससे केंद्रीय बैंक के करेंसी नोट (Currency Notes) पर ऑपरेशनल कॉस्ट यानी खर्चे पर बड़ी बचत होगी. आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) को करेंसी नोटों की प्रिंटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और स्टोरज पर बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं.  डिजिटल करेंसी के लॉन्च होने से इन ऑपरेशनल कॉस्ट में काफी बड़ी बचत होगी. इसके साथ ही सरकार आगे इस डिजिटल करेंसी को लीगल टेंडर में बदलने की कोशिश करेंगी.

आपको बता दें कि इस डिजिटल करेंसी (Digital Currency) में भी रेगुलर करेंसी की तरह एक यूनिक नंबर होगा. एक करेंसी दूसरी करेंसी से अलग होगी. यह एक सरकार गारंटी वाला एक वॉलेट होगा. इस नॉर्मल करेंसी के साथ शामिल करने का सरकार का प्लान है.

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क्रिप्टोकरेंसी जैसी ही हो सकती है तकनीक

सेंट्रल बैंक (RBI) की डिजिटल करेंसी भी क्रिप्टोकरेंसी में उपयोग होने वाली ब्लॉकचेन तकनीक (Blockchain Technique) पर आधारित हो सकती है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण (Budget Speech of Nirmala Sitharaman) में कहा था कि CBDC में ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग होगा। ब्लॉकचैन एक तरह से डिजिटल बही खाता हैं, जिसमें हर लेनदेन का रिकॉर्ड दर्ज होता है।

100  रुपये की एक नोट पर सरकार को आता है 15 से 17 रुपये का खर्च

एक्सपर्ट्स के अनुसार एक 100 रुपये के नोट के पीछे 4  साल में सरकार को 15 से 17 रुपये का खर्च आता है. इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बैंक पुराने नोटों को वापस लेकर बाद में नए नोटों की छपाई करते हैं. इसके साथ ही नोटों के मेनटेनेंस पर भी पैसे खर्च होते हैं. आजकल सरकार ज्यादा वैल्यू वाले नोटों की छपाई करने लगी है. ऐसे में छोटे नोट के रख-रखाव में सरकार के पैसे अब कम खर्च होगें. 

सरकार डिजिटल रुपये (Digital Currency) पर देगी गारंटी

डिजिटल रुपये ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगा. क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन (Bitcoin), इथीरियम, Cardano, Binance Coin, Tether आदि इसी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं. इस रुपये के जरिए सरकार किसी भी तरह का लेन देन का रिकार्ड अपने पास रख पाएंगी. यह डिजिटल रुपया अगले साल तक तैयार कर लेने की प्लानिंग है. यह पैसे आपके मुद्रा फोन में रहेगी जिसका कंट्रोल आरबीआई के पास होगा. इसे एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर किया जा सकेगा. डिजिटल करेंसी की सबसे खास बात ये है कि इसे जरूरत के अनुसार सॉवरेन करेंसी (sovereign currency) यानी देश की मुद्रा (रुपये) में बदला जा सकेगा.

​क्रिप्टोकरेंसी से कैसे अलग

डिजिटल करेंसी (Digital Currency) और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में काफी अंतर है। सबसे बड़ा अंतर यह है कि डिजिटल करेंसी को उस देश की सरकार की मान्यता हासिल होती है, जिस देश का केंद्रीय बैंक इसे जारी करता है। इसलिए इसमें जोखिम नहीं होता है। इससे जारी करने वाले देश में खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी एक मुक्त डिजिटल एसेट है। यह किसी देश या क्षेत्र की सरकार के अधिकार क्षेत्र या कंट्रोल में नहीं है। बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी डिसेंट्रलाइज्ड है और किसी सरकार या सरकारी संस्था से संबंध नहीं है।

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फाइनेंशियल सिस्टम पर प्रभाव का भी आकलन

डिजिटल करेंसी की संभावनाओं के साथ-साथ वह फाइनेंशियल सिस्टम पर डिजिटल करेंसी के प्रभाव के बारे में भी गंभीरता से विचार कर रहा है. जैसा कि हम जानते हैं RBI प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन करना चाहता है. वह कई दफा सरकार से कह चुका है कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी देश के फाइनेंशियल सिस्टम के लिए ठीक नहीं है. हालांकि, सरकार प्राइवेट करेंसी को रेग्युलेट करने की दिशा में काम करती हुई नजर आ रही है.

देश का पहला क्रिप्टो इंडेक्स लॉन्च

इसी बीच क्रिप्टोकरेंसी पर नजर रखने के लिए देश का पहला इंडेक्स लॉन्च कर दिया गया है. सुपरऐप क्रिप्टोवायर ने देश के पहले क्रिप्टोकरेंसी इंडेक्स को लॉन्च किया है. इस क्रिप्टो इंडेक्स को IC15 नाम दिया गया है. IC15 प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज पर लिस्टेड सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली शीर्ष 15 क्रिप्टोकरेंसी के प्रदर्शन की निगरानी करेगा. IC15 की लॉन्चिंग के बाद कंपनी ने दावा किया है कि उनके प्रोडक्ट से क्रिप्टो बाजार में पारदर्शिता आएगी.

​नौ देशों में पहले से है डिजिटल करेंसी

दुनिया में जिन 9 देशों के पास डिजिटल करेंसी (Digital Currency) है, उनमें से 8 कैरेबियाई देश (Carrabin Countries) हैं। ये छोटे-छोटे आइलैंड (Island) हैं। इस समय 87 देश सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) अपनाने के लिए रिसर्च कर रहे हैं. इनमें से 14 देशों में इसका ट्रायल चल रहा है. अक्टूबर 2021 में नाइजीरिया ने अपनी डिजिटल करेंसी ई-नाइरा जारी की थी।

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